रायपुर। छत्तीसगढ़ के कुछ निजी B.Ed/D.El.Ed कॉलेजों में निर्धारित फीस से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायतों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि कुछ अभ्यर्थियों से 40 हजार से 81 हजार तक फीस मांगी गई, जबकि पूरी रकम की रसीद नहीं दी गई। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
जांजगीर के शिव शक्ति कॉलेज, खोरसी को लेकर 81 हजार फीस मांगने की शिकायत सामने आई है। वहीं केसरी कॉलेज में 51 हजार की फीस बताए जाने और बाद में 40 हजार में प्रवेश होने के बावजूद कथित तौर पर 30 हजार की रसीद दिए जाने का दावा किया गया है।
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बलौदा स्थित लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज में भी पूर्व में अतिरिक्त शुल्क वसूली की शिकायत पर जांच समिति गठित होने की बात सामने आई है।अब मांग उठ रही है कि संबंधित विभाग निजी कॉलेजों की फीस संरचना, प्रवेश दस्तावेज और रसीदों की जांच करे। सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि अतिरिक्त राशि ली जा रही है तो वह किस मद में है और उसकी आधिकारिक रसीद क्यों नहीं दी जा रही?
शिकायतकर्ताओं ने प्रदेशभर में ऐसी वसूली के वास्तविक आंकड़े सामने लाने की मांग की है। 200 करोड़ तक की संभावित अतिरिक्त वसूली के दावे की भी निष्पक्ष जांच की जरूरत बताई गई है। बिना जांच किसी संस्था को दोषी ठहराने के बजाय दस्तावेजों और विद्यार्थियों के बयानों के आधार पर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाना जरूरी है।










