रायपुर। NFHS REPORT : छत्तीसगढ़ में महिलाओं के बीच तंबाकू और शराब सेवन को लेकर सामने आए आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। उपलब्ध NFHS के आंकड़ों के अनुसार, पिछले सर्वेक्षण की तुलना में महिलाओं में तंबाकू और शराब सेवन का स्तर बढ़ा है। हालांकि, अलग-अलग NFHS राउंड में आयु-समूह और परिभाषाओं के अनुसार आंकड़ों की तुलना सावधानी से की जानी चाहिए।
तंबाकू सेवन में बढ़ोतरी
आंकड़ों के मुताबिक महिलाओं में तंबाकू सेवन का आंकड़ा 17.3 प्रतिशत से बढ़कर 18.7 प्रतिशत पहुंचने की बात सामने आई है। यानी पिछले आंकड़े की तुलना में इसमें 1.4 प्रतिशत अंक की वृद्धि दर्ज हुई है। ग्रामीण और शहरी महिलाओं के बीच भी बड़ा अंतर दिखाई देता है। ग्रामीण क्षेत्रों में 20.9 प्रतिशत महिलाएं तंबाकू का सेवन करती हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 10.4 प्रतिशत बताया गया है।
शराब सेवन में भी इजाफा
NFHS REPORT : महिलाओं में शराब सेवन का आंकड़ा भी बढ़ा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यह 4.9 प्रतिशत से बढ़कर 5.7 प्रतिशत हो गया है। इस मामले में भी ग्रामीण क्षेत्रों का आंकड़ा शहरी क्षेत्रों से काफी अधिक है। ग्रामीण महिलाओं में शराब सेवन 6.8 प्रतिशत, जबकि शहरी महिलाओं में यह आंकड़ा 1.6 प्रतिशत बताया गया है।
गांवों में ज्यादा असर
आंकड़ों का सबसे महत्वपूर्ण पहलू ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच अंतर है। तंबाकू और शराब—दोनों ही मामलों में ग्रामीण महिलाओं का प्रतिशत शहरों की तुलना में अधिक बताया गया है।
श्रेणी ग्रामीण महिलाएं शहरी महिलाएं
तंबाकू सेवन 20.9% 10.4%
शराब सेवन 6.8% 1.6%
आंकड़े क्यों महत्वपूर्ण?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के नजरिए से तंबाकू और शराब का सेवन कई गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से जुड़ा है। केंद्र सरकार का राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम भी तंबाकू सेवन को कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल करता है।
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छत्तीसगढ़ के NFHS-5 राज्य प्रोफाइल में भी महिलाओं के तंबाकू और शराब सेवन से संबंधित आंकड़े दर्ज हैं; उसमें 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं के लिए तंबाकू उपयोग 17.3% और शराब सेवन 5.0% दर्ज किया गया था।
यानी आंकड़े एक ऐसी तस्वीर सामने रखते हैं, जिसमें महिलाओं के बीच नशे से जुड़े व्यवहार और खासकर ग्रामीण-शहरी अंतर पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत दिखाई देती है।







