रायपुर : CG NEWS : छत्तीसगढ़ में अपनी विभिन्न लंबित और चार सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशभर के लगभग 16,000 कोटवारों ने मोर्चा खोल दिया है। शासन स्तर पर लगातार हो रही उपेक्षा से नाराज कोटवार संघ के आह्वान पर आज एक दिवसीय प्रान्तव्यापी धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। इस आंदोलन के तहत विभिन्न जिलों और तहसीलों में कोटवार एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं तथा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप रहे हैं।
प्रदर्शन कर रहे कोटवार संघ ने शासन के सामने मुख्य रूप से चार सूत्रीय मांगें रखी हैं
नियमितीकरण एवं संविलियन: सभी कोटवारों को शासकीय कर्मचारी का दर्जा देते हुए उनका राजस्व विभाग में संविलियन किया जाए।
मानदेय में वृद्धि (15,000 मासिक): वर्तमान महंगाई को ध्यान में रखते हुए सेवा भूमि के आधार पर मानदेय बढ़ाया जाए, जिसमें श्रेणी के अनुसार (जैसे ए श्रेणी के लिए 15,000 रुपये) वेतन निर्धारित करने की मांग शामिल है।
वंशानुगत नियुक्ति : कोटवार पद पर गैर-वंशानुगत व्यक्तियों की नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाई जाए और पूर्व से चली आ रही परंपरा के अनुसार परिवार के पात्र सदस्यों को ही प्राथमिकता दी जाए।
नगरीय निकायों में प्रतिबंध समाप्त करना : नगर पालिका एवं नगर निगम क्षेत्रों में कोटवारों की नियुक्ति पर लगाए गए प्रतिबंध को समाप्त किया जाए।
प्रशासन और सरकार पर दबाव
CG NEWS : संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि अंग्रेजों के जमाने से पीढ़ी-दर-पीढ़ी ग्रामीण स्तर पर सुरक्षा, सूचना और राजस्व कार्यों में अपनी सेवाएं दे रहे कोटवारों को आज तक उचित आर्थिक सुरक्षा और शासकीय दर्जा नहीं मिला है। इस एक दिवसीय सांकेतिक आंदोलन के जरिए सरकार को चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।







