महासमुंद। CG NEWS : खैर लकड़ी की कथित अवैध तस्करी से जुड़े एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का महासमुंद पुलिस ने तकनीकी विवेचना के जरिए खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, इस सिंडिकेट के जरिए पिछले करीब दो वर्षों में उड़ीसा से हिमाचल प्रदेश तक 120 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की खैर लकड़ी की अवैध तस्करी की गई।
फर्जी इनवॉयस के जरिए कारोबार को वैध दिखाने का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया है कि कथित अवैध कारोबार को वैध गतिविधि के रूप में प्रस्तुत करने के लिए 8 शेल कंपनियों के माध्यम से फर्जी इनवॉयस तैयार किए जाते थे। इन दस्तावेजों के जरिए लकड़ी के लेनदेन को वैध दिखाने की कोशिश किए जाने की बात पुलिस ने कही है।
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10 से ज्यादा म्यूल बैंक अकाउंट की भी जांच
जांच के दौरान पुलिस को करोड़ों रुपये के कथित अवैध लेनदेन, भुगतान और रकम की लेयरिंग से जुड़े 10 से अधिक म्यूल बैंक अकाउंट के इस्तेमाल के संकेत मिले हैं। पुलिस अब इस पूरे वित्तीय नेटवर्क और उससे जुड़े लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही है।
मुख्य आरोपी के ठिकाने से 81 लाख रुपये नकद बरामद
पुलिस के मुताबिक, 7 सितंबर को मुख्य आरोपी मनीष अग्रवाल के ठिकाने पर कार्रवाई के दौरान 81 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे। इसके बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए फर्जी इनवॉयस उपलब्ध कराने वाले फर्म संचालकों तक पुलिस पहुंची।
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उड़ीसा के दो फर्म संचालक गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने अब उड़ीसा के दो फर्म संचालकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पारितोष मिश्रा, संचालक पीयूष इंटरप्राइजेज, बोलांगीर और अखिलेश सिंघल, संचालक सिंघल इंटरप्राइजेज, संबलपुर के रूप में बताई गई है।
नेटवर्क की अन्य कड़ियों की तलाश जारी
CG NEWS : महासमुंद पुलिस की तकनीकी जांच के बाद सामने आए इस नेटवर्क में फर्जी दस्तावेज, बैंक खातों और कथित अवैध लेनदेन की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय कड़ियों की भी पड़ताल कर रही है।








