रायपुर। CG NEWS : छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड एवं मंडी समितियों में सेवा लाभ और ग्रेज्युटी भुगतान को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सेवा अवधि की गणना और ग्रेज्युटी भुगतान के मामले में नागेन्द्र तिवारी, जीवन लाल ओझा, जगदीश दुबे और किशन लाल निषाद ने शासन के समक्ष न्याय की मांग उठाई है। कर्मचारियों का कहना है कि उनके प्रकरण में श्रम न्यायालय के समक्ष हुई कार्यवाही के बाद सेवा अवधि को मान्य करते हुए ग्रेज्युटी भुगतान का आदेश जारी किया गया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अब तक अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका है।
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CG NEWS : कर्मचारियों के अनुसार, प्रकरण क्रमांक 52/पीजीए/2024 में 11 सितंबर 2024 को नियंत्रण प्राधिकारी द्वारा उनकी सेवा अवधि की गणना की गई। इसमें 24 मई 1989 से 31 मई 2022 तक की सेवा अवधि को आधार मानते हुए 33 वर्ष की सेवा पूर्ण होना माना गया। इसके आधार पर उपदान भुगतान अधिनियम, 1972 के अंतर्गत ग्रेज्युटी भुगतान का आदेश जारी किए जाने की बात कर्मचारियों ने कही है।
आदेश के बाद भी भुगतान नहीं होने का दावा
कर्मचारियों का आरोप है कि नियंत्रण प्राधिकारी के आदेश के बाद भी ग्रेज्युटी की राशि का भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद मामले को अपीलीय स्तर पर ले जाया गया। कर्मचारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया के कारण उन्हें आर्थिक कठिनाइयों के साथ मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ा।
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उनके मुताबिक, अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष हुई कार्यवाही में भी उनके पक्ष में निर्णय आया। 17 जून 2025 को जारी आदेश में नियंत्रण प्राधिकारी के 11 सितंबर 2024 के आदेश को बरकरार रखे जाने की बात कर्मचारियों द्वारा कही गई है।
हाईकोर्ट में मामला पहुंचने से बढ़ी परेशानी
कर्मचारियों के अनुसार, अपीलीय आदेश के बाद भी विवाद समाप्त नहीं हुआ और मामले को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर में प्रकरण दर्ज किया गया। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से चल रही कानूनी प्रक्रिया के कारण उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों ने मांग की है कि उनके प्रकरण में पूर्व में पारित आदेशों और लागू कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए उन्हें उनके सेवा लाभ उपलब्ध कराए जाएं।
समान प्रकृति के मामलों का दिया हवाला
कर्मचारियों ने अपने दावे के समर्थन में समान प्रकृति के कुछ मामलों का भी हवाला दिया है। उनका कहना है कि श्रम विभाग द्वारा 24 मई 2018 को विशेष सचिव आर. संगीता के माध्यम से जारी आदेश में नेतराम साहू से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर कार्रवाई की गई थी।
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इसके अलावा कर्मचारियों ने कृषि विपणन मंडी बोर्ड में उपनिरीक्षक मुकुंद राव पालेकर, नवापारा-राजिम मंडी से संबंधित मामले का उदाहरण भी दिया है। उनका दावा है कि वहां ग्रेज्युटी और पेंशन सहित सेवा लाभ प्रदान किए जा रहे हैं।
इसी तरह खैरागढ़ मंडी के कर्मचारियों से जुड़े एक अन्य मामले का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि 30 मार्च 2022 को तत्कालीन प्रबंध संचालक/अतिरिक्त प्रबंध संचालक स्तर से आदेश जारी कर कर्मचारियों को उनके सेवा संबंधी हितलाभ दिए जाने की प्रक्रिया की गई थी।
समान मामलों में लाभ तो हमें क्यों नहीं?
कर्मचारियों का मुख्य सवाल यही है कि यदि समान प्रकृति के मामलों में संबंधित कर्मचारियों को ग्रेज्युटी, पेंशन और अन्य सेवा लाभ प्रदान किए गए हैं, तो उनके मामले में भी समान आधार पर निर्णय क्यों नहीं लिया जा रहा है।
नागेन्द्र तिवारी, जीवन लाल ओझा, जगदीश दुबे और किशन लाल निषाद ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की पुन: समीक्षा कर ग्रेज्युटी एवं अन्य पात्र सेवा लाभों का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि लंबे समय से चल रहे विवाद का शीघ्र निराकरण होने से उन्हें आर्थिक और मानसिक राहत मिल सकेगी।






