रायपुर। Cgpsc Mains 2025 : छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की मेंस परीक्षा 2025 के बाद साक्षात्कार के लिए जारी चयन सूची को लेकर अभ्यर्थियों के एक वर्ग ने सवाल खड़े किए हैं। अभ्यर्थियों का दावा है कि निर्धारित नियमों के अनुसार विज्ञापित पदों की तुलना में साक्षात्कार के लिए पर्याप्त संख्या में उम्मीदवारों का चयन किया जाना चाहिए था, लेकिन जारी सूची में अपेक्षाकृत कम अभ्यर्थियों को मौका मिला है।
265 पदों के लिए 608 अभ्यर्थी शॉर्टलिस्ट
Cgpsc Mains 2025 : अभ्यर्थियों के मुताबिक CGPSC मेंस 2025 में कुल 265 पद विज्ञापित हैं। उनका कहना है कि साक्षात्कार के लिए नियमानुसार न्यूनतम तीन गुना, यानी 795 अभ्यर्थियों को अवसर मिलना चाहिए था। इसके विपरीत 608 अभ्यर्थियों को ही इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किए जाने पर उन्होंने आपत्ति जताई है। अभ्यर्थियों का तर्क है कि यदि तीन गुना अभ्यर्थियों को साक्षात्कार का अवसर देने का प्रावधान लागू होता है, तो चयन प्रक्रिया में अधिक उम्मीदवारों को अपनी योग्यता साबित करने का मौका मिल सकता है।
CGPSC मेंस 2025 के साक्षात्कार के चयन पर अभ्यर्थियों ने कुछ प्रश्न उठाये हैं।
Mains परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने इंटरव्यू के लिए चयनितों की कुल संख्या को नियमों के विपरीत बताया है।
अभ्यर्थियों का यह कहना है कि साक्षात्कार हेतु निर्धारित अनुपात का पालन नियमतः कुल विज्ञापित…
— Ujjwall Deepak (@ujjwalldeepak) September 3, 2026
Read More : CGPSC Ghotala : पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी 7 दिन की ED Remand पर Cgpsc Mains 2025
पुनर्मूल्यांकन की भी मांग
सिर्फ इंटरव्यू चयन ही नहीं, बल्कि अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा के सभी प्रश्नपत्रों के पुनर्मूल्यांकन की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि उत्तर पुस्तिकाओं का उदारतापूर्वक पुनर्मूल्यांकन होने से यदि किसी योग्य अभ्यर्थी के अंक प्रभावित हुए हैं, तो उसे भी साक्षात्कार की प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिल सकता है।
CGPSC से स्थिति स्पष्ट करने की मांग
Cgpsc Mains 2025 : अभ्यर्थियों ने आयोग से इस पूरे मामले में नियमों और चयन प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उनका कहना है कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आयोग को यह बताना चाहिए कि साक्षात्कार के लिए 608 अभ्यर्थियों के चयन का आधार क्या रहा और तीन गुना अभ्यर्थियों के चयन से संबंधित नियम इस प्रक्रिया में किस तरह लागू किए गए हैं। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक पोस्ट के माध्यम से भी आयोग से शीघ्र आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करने की अपील की गई है।







