रायपुर। congress news : पूर्व मुखयमंत्री भूपेश बघेल ने आज सिविल लाइन स्थित अपने शासकीय निवास पर पत्रकारवार्ता को सम्बोधित किया। पत्रकारवार्ता को सम्बोधित करते हुये उन्होंने भाजपा पर जमकर हमला बोलते हुये कहा -Gen-Z ने खूब आंदोलन किया और Gen-Z स्कूलों में जा रहे हैं तो उनके साथ मारपीट की जा रही है। वहीं हमारे प्रदेश में Gen-Alpha भी स्कूलों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। दुर्ग और राजनांदगांव समेत कई जिलों में कहीं शिक्षकों की कमी है, तो कहीं स्कूलों की।
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हमारी सरकार ने 750 से अधिक स्कूलों को ‘स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी उत्कृष्ट विद्यालय’ में परिवर्तित किया और जर्जर स्कूलों के संधारण के लिए ‘मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना’ के तहत 1800 करोड़ स्वीकृत किए, जिसमें 1100 करोड़ जारी भी कर दिए गए थे।
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congress news : लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद करीब 700 करोड़ का आवंटन निरस्त कर दिया गया और करीब 10,000 स्कूल बंद कर दिए गए। शिक्षा और छात्रों के प्रति इस सरकार के रवैये के कारण ही Gen-Z और Gen-Alpha आज आंदोलन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा बारिश किसानों और युवाओं के लिए खुशी लेकर आती है, लेकिन जिन गरीबों के घरों में छत नहीं है या जिन स्कूलों की हालत जर्जर है, उनके लिए यही बारिश परेशानी बन जाती है।
उन्होंने कहा-मुख्यमंत्री विष्णुदेव जी जवाब दें! देश में हाल ही में गुजरे मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन कुछ फैसले बिना चर्चा के ही पारित कर दिए गए। इनमें खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 भी शामिल है, जिससे राज्यों के राजस्व पर असर पड़ेगा।
केरल और झारखंड के मुख्यमंत्रियों ने इसका विरोध किया है, खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ को भी इससे नुकसान होगा, फिर भी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री मौन हैं। सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान पीठ के 2024 के फैसले के बाद भी केंद्र सरकार ने कानून में संशोधन कर उसके प्रभाव को बदल दिया। जब दूसरे राज्य अपने हितों के लिए आवाज उठा रहे हैं, तो डबल इंजन की सरकार में छत्तीसगढ़ के नुकसान पर आखिर मुख्यमंत्री मौन क्यों हैं?







