रायपुर। झीरम घाटी (Jhiram Kand) हमले के करीब 13 साल बाद NIA की विशेष अदालत ने मामले में 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है। फैसले के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि अदालत के फैसले से कांग्रेस और पीड़ित परिवारों को अपेक्षित न्याय नहीं मिला है।
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि झीरम हमला महज नक्सली वारदात नहीं, बल्कि राजनीतिक षड्यंत्र और सुपारी किलिंग था। उनके मुताबिक जांच में इस कथित राजनीतिक साजिश के पहलू को पर्याप्त रूप से सामने नहीं लाया गया। उन्होंने कहा कि देश की जनता लंबे समय से झीरम कांड की पूरी सच्चाई जानना चाहती है।
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Jhiram Kand : बैज ने NIA की जांच पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जांच का एंगल बदल दिया गया और राजनीतिक षड्यंत्र की दिशा में गंभीरता से जांच नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्ष तरीके से जांच की जाती तो कई बड़े राजनीतिक चेहरे बेनकाब हो सकते थे।
झीरम मामले में NIA कोर्ट के फैसले से पीड़ित परिवारों, बस्तर की जनता और कांग्रेस परिवार को न्याय नहीं मिला है।
झीरम केवल नक्सली हमला नहीं था, बल्कि इसके पीछे गहरे राजनीतिक षड्यंत्र एवं सुपारी किलिंग हैं। छोटे नक्सलियों एवं गांव के आदिवासियों को सजा देकर इस पूरे मामले की… pic.twitter.com/yNpDVVG4Wn
— INC Chhattisgarh (@INCChhattisgarh) September 5, 2026
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यह सवाल भी उठाया कि जिन 10 आरोपियों को दोषी ठहराया गया है, क्या वे अकेले इतने बड़े हमले को अंजाम दे सकते थे? उन्होंने दावा किया कि घटना में बड़े नक्सली नेताओं की भूमिका भी रही होगी और इस पहलू की जांच जरूरी है।








