रायपुर। Neet Paper Leak : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे (Dharmendra Pradhan Resignation) को लेकर छत्तीसगढ़ भाजपा (Chhattisgarh BJP) के दो वरिष्ठ नेताओं के अलग-अलग बयान सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने जहां प्रधानमंत्री के निर्णय का समर्थन करते हुए इसे आवश्यक कदम बताया, वहीं स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इसे अनावश्यक करार दिया। दोनों नेताओं के विपरीत बयानों ने राजनीतिक हलकों में बहस तेज कर दी है।
रमन सिंह ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं की भावनाओं और जनआक्रोश का सम्मान किया जाना चाहिए। उनके अनुसार प्रधानमंत्री द्वारा लिया गया निर्णय सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि युवाओं के आक्रोश को शांत करने के लिए धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा एक आवश्यक कदम था।

Read More : केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने दिया इस्तीफा, जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल
Neet Paper Leak : पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि केंद्र सरकार पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक होने पर और अधिक सख्त कानून भी बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य कर रही है।
वहीं, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इस मुद्दे पर अलग राय रखते हुए कहा कि मामले की जांच के लिए समिति गठित की जा चुकी है और फास्ट ट्रैक कोर्ट में भी प्रक्रिया शुरू हो गई है। ऐसे में केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की कोई आवश्यकता नहीं थी।
गजेंद्र यादव ने कहा कि किसी विभाग में हुई कथित गड़बड़ी के लिए सीधे मंत्री को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का प्रशासनिक अनुभव और योगदान देश के लिए महत्वपूर्ण है तथा उन्होंने उनसे अपना इस्तीफा वापस लेने की अपील की।
Read More : LOCAl NEWS : मैट्स विश्वविद्यालय और बॉश इंडिया फाउंडेशन के बीच MOU हस्ताक्षरित, LEAP कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों को मिलेगा 300 घंटे का ऑटोमोटिव स्किल प्रशिक्षण Neet Paper Leak
भाजपा के दो वरिष्ठ नेताओं के अलग-अलग बयानों के बाद राजनीतिक गलियारों में यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में पार्टी का आधिकारिक रुख स्पष्ट होने के बाद स्थिति और साफ होगी।
फिलहाल धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर छत्तीसगढ़ भाजपा के भीतर सामने आई अलग-अलग राय ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है।







