रायपुर। पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार 30 जुलाई को राज्य में पहली बार ‘Mahatari Vandan Vriksharopan Abhiyan‘ का आयोजन करने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित होने वाला यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित है। इस पहल के माध्यम से महतारी वंदन योजना की लाखों हितग्राही महिलाओं को पौधरोपण से जोड़कर हरित छत्तीसगढ़ का संदेश दिया जाएगा। (छत्तीसगढ़ वृक्षारोपण अभियान)
अभियान का राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम बालोद जिले में आयोजित होगा, जहां करीब 2.45 लाख हितग्राही महिलाएं एक साथ पौधरोपण करेंगी। इसके अलावा प्रदेश के सभी जिलों में भी बड़े पैमाने पर महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। (एक पेड़ मां के नाम)

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सरकार की योजना के अनुसार महिलाएं अपने घरों, आंगन, आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालय परिसरों तथा अन्य उपयुक्त सार्वजनिक स्थानों पर पौधे लगाएंगी। इसके साथ ही लगाए गए पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल के लिए भी महिलाओं को प्रेरित किया जाएगा, ताकि यह अभियान केवल पौधरोपण तक सीमित न रहकर पर्यावरण संरक्षण का स्थायी प्रयास बन सके।
अभियान की एक विशेष पहल यह भी है कि पौधरोपण करने के बाद हितग्राही महिलाएं पौधे के साथ अपनी सेल्फी निर्धारित पोर्टल या मोबाइल ऐप पर अपलोड करेंगी। सत्यापन के बाद उन्हें डिजिटल प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। इससे अभियान में अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता बढ़ाने और पौधरोपण को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा।
राज्य सरकार का मानना है कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी से हरित वातावरण का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचेगा और पौधों के संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
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30 जुलाई को आयोजित होने वाला यह अभियान छत्तीसगढ़ में अपनी तरह का पहला व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम होगा, जिसमें लाखों महिलाएं एक साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेंगी। सरकार को उम्मीद है कि यह पहल प्रदेश में जनभागीदारी आधारित हरित अभियान की नई मिसाल स्थापित करेगी।
रायपुर। पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार 30 जुलाई को राज्य में पहली बार ‘Mahatari Vandan Vriksharopan Abhiyan’ का आयोजन करने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित होने वाला यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित है। इस पहल के माध्यम से महतारी वंदन योजना की लाखों हितग्राही महिलाओं को पौधरोपण से जोड़कर हरित छत्तीसगढ़ का संदेश दिया जाएगा। (छत्तीसगढ़ वृक्षारोपण अभियान)
अभियान का राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम बालोद जिले में आयोजित होगा, जहां करीब 2.45 लाख हितग्राही महिलाएं एक साथ पौधरोपण करेंगी। इसके अलावा प्रदेश के सभी जिलों में भी बड़े पैमाने पर महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। (एक पेड़ मां के नाम)
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सरकार की योजना के अनुसार महिलाएं अपने घरों, आंगन, आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालय परिसरों तथा अन्य उपयुक्त सार्वजनिक स्थानों पर पौधे लगाएंगी। इसके साथ ही लगाए गए पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल के लिए भी महिलाओं को प्रेरित किया जाएगा, ताकि यह अभियान केवल पौधरोपण तक सीमित न रहकर पर्यावरण संरक्षण का स्थायी प्रयास बन सके।
अभियान की एक विशेष पहल यह भी है कि पौधरोपण करने के बाद हितग्राही महिलाएं पौधे के साथ अपनी सेल्फी निर्धारित पोर्टल या मोबाइल ऐप पर अपलोड करेंगी। सत्यापन के बाद उन्हें डिजिटल प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। इससे अभियान में अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता बढ़ाने और पौधरोपण को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा।
राज्य सरकार का मानना है कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी से हरित वातावरण का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचेगा और पौधों के संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
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30 जुलाई को आयोजित होने वाला यह अभियान छत्तीसगढ़ में अपनी तरह का पहला व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम होगा, जिसमें लाखों महिलाएं एक साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेंगी। सरकार को उम्मीद है कि यह पहल प्रदेश में जनभागीदारी आधारित हरित अभियान की नई मिसाल स्थापित करेगी।






