रायपुर। Krishna Janmashtami :भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पावन पर्व जन्माष्टमी आज 4 सितंबर 2026 को देशभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। भक्त दिनभर व्रत रखकर रात में भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा करेंगे और मध्यरात्रि में जन्मोत्सव मनाएंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि में हुआ था। इसी कारण जन्माष्टमी की पूजा में निशिता काल का विशेष महत्व माना जाता है।
पूजा का शुभ मुहूर्त
छत्तीसगढ़ के चांपा क्षेत्र के पंचांग के अनुसार निशिता पूजा का समय रात 11:35 बजे से 12:21 बजे तक रहेगा। मध्यरात्रि का क्षण करीब 11:58 बजे माना गया है। हालांकि अलग-अलग शहरों में मुहूर्त में थोड़ा अंतर हो सकता है।
ऐसे करें पूजा
भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान कराकर नए वस्त्र पहनाएं। उन्हें फूल, तुलसी दल और माखन-मिश्री का भोग लगाएं। मध्यरात्रि में आरती कर कान्हा को पालने में झुलाएं और प्रसाद वितरित करें।
जन्माष्टमी का पर्व भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़े धर्म, कर्म और सत्य के संदेश को याद करने का अवसर भी है। मंदिरों में विशेष सजावट, भजन-कीर्तन और कृष्ण लीला की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी।







