रायपुर/बस्तर। CG NEWS : बस्तर में परिवहन व्यवस्था को लेकर विवाद अब गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। सम्पूर्ण ट्रांसपोर्ट परचून एवं चिल्लर बुकिंग ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन से जुड़े परिवहन व्यवसायियों ने बस्तर परिवहन संघ (BPS) पर समझौतों का पालन नहीं करने और परचून वाहनों को ब्लैकलिस्ट किए जाने का आरोप लगाया है। विवाद के चलते बस्तर मार्ग पर परचून परिवहन प्रभावित होने की स्थिति बन गई है।
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एसोसिएशन का कहना है कि प्रदेशभर के व्यापारियों का माल बस्तर सहित अन्य राज्यों तक पहुंचाने का काम उनके सदस्य लंबे समय से करते आ रहे हैं। आरोप है कि शासन-प्रशासन की मौजूदगी में पूर्व में हुए समझौतों के बावजूद BPS द्वारा उनकी कुछ परचून गाड़ियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
समझौतों के उल्लंघन का आरोप
CG NEWS : परिवहन व्यवसायियों का दावा है कि मामले को सुलझाने के लिए बस्तर चैंबर ऑफ कॉमर्स, स्थानीय पुलिस प्रशासन और शासन स्तर पर बातचीत की गई, लेकिन विवाद का स्थायी समाधान नहीं निकल सका। एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि BPS की ओर से उनकी आपत्तियों और प्रशासनिक स्तर पर किए जा रहे हस्तक्षेप को भी स्वीकार नहीं किया जा रहा है। परिवहन व्यवसायियों ने इस रवैये को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा है कि लगातार बढ़ते विवाद के कारण उन्हें बस्तर मार्ग पर परिवहन कार्य रोकने का निर्णय लेना पड़ा है।
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10 हजार तक अतिरिक्त भाड़े का दावा
एसोसिएशन ने दावा किया है कि यदि BPS की कथित शर्तों के अनुसार व्यवस्था लागू होती है, तो एक गाड़ी के परिवहन खर्च में करीब ₹10,000 तक की अतिरिक्त वृद्धि हो सकती है। परिवहन व्यवसायियों का कहना है कि इसका अंतिम असर माल ढुलाई की लागत बढ़ने के रूप में व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। उनका कहना है कि पहले से महंगाई और बढ़ती परिवहन लागत का सामना कर रहे व्यापारियों के लिए यह स्थिति परेशानी बढ़ाने वाली होगी।
हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका
परिवहन व्यवसायियों ने कहा कि यह विवाद केवल ट्रांसपोर्टरों तक सीमित नहीं है। माल परिवहन की पूरी व्यवस्था से ड्राइवर, हमाल, लेबर, मुंशी और छोटे व्यापारियों समेत बड़ी संख्या में लोग जुड़े हुए हैं। एसोसिएशन के मुताबिक, यदि बस्तर मार्ग पर परिवहन लंबे समय तक प्रभावित रहता है, तो इससे व्यापारिक गतिविधियों के साथ-साथ इस क्षेत्र से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े परिवारों की आजीविका पर भी असर पड़ सकता है।
300 सदस्य एकजुट, प्रदेशव्यापी बंद की चेतावनी
परिवहन एसोसिएशन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी गाड़ियों को ब्लैकलिस्ट से बाहर नहीं निकाला गया और विवाद का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो संगठन से जुड़े करीब 300 सदस्य एकजुट होकर बड़े आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं। एसोसिएशन ने कहा है कि आवश्यकता पड़ने पर प्रदेशभर के ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और व्यापारिक संगठनों से समर्थन लेकर व्यापक स्तर पर परिवहन एवं व्यापारिक गतिविधियां बंद करने का निर्णय लिया जा सकता है।
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मुख्यमंत्री और परिवहन विभाग से हस्तक्षेप की मांग
मामले में एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, परिवहन आयुक्त, छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स, बस्तर चैंबर ऑफ कॉमर्स तथा अन्य व्यापारिक एवं परिवहन संगठनों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए, पूर्व में हुए समझौतों का पालन सुनिश्चित कराए और जिन परचून वाहनों को ब्लैकलिस्ट किए जाने का आरोप है, उन्हें तत्काल सामान्य परिवहन व्यवस्था में शामिल कराया जाए।
आगे क्या होगा?
बस्तर में परिवहन को लेकर सामने आए इस विवाद का सीधा असर माल की आवाजाही और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। अब निगाहें शासन-प्रशासन की अगली कार्रवाई और BPS की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। हालांकि, BPS की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।







