रायपुर/महेंद्र कुमार साहू (9907630081)। MR Hospital : राजधानी रायपुर के निजी अस्पतालों में इलाज के नाम पर मरीजों की जान से खिलवाड़ किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ताजा मामला संतोषी नगर–कृष्णा नगर क्षेत्र स्थित एमआर हॉस्पिटल का है, जहां मरीज से कथित रूप से पैसों की मांग की गई और भुगतान नहीं होने पर इलाज बंद कर दिया गया। बाद में मरीज को गंभीर अवस्था में रेफर किया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज का झांसा देकर मरीजों को भर्ती करता था, जबकि एमआर हॉस्पिटल आयुष्मान योजना के अंतर्गत पंजीकृत ही नहीं है। इसके लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले एंबुलेंस चालकों को कथित रूप से अपने नेटवर्क में शामिल किया गया, जो ग्रामीण और कम पढ़े-लिखे मरीजों को मुफ्त इलाज का लालच देकर अस्पताल में भर्ती कराते थे। इसके बाद मरीजों के परिजनों से मोटी रकम वसूली जाती थी।
मरीज से मिलने तक नहीं दिया गया, इलाज के नाम पर वसूली
MR Hospital : 12 फरवरी को रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत आमापाली निवासी सोहन सिंह चौहान (उम्र 44 वर्ष) को इलाज के लिए एमआर हॉस्पिटल लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि उन्हें मरीज से मिलने तक नहीं दिया गया और इलाज के नाम पर लगातार पैसों की मांग की जाती रही। परिजनों के अनुसार अस्पताल प्रबंधन ने 12 हजार रुपये वसूल किए और भुगतान नहीं होने पर इलाज बंद कर दिया गया।
Read More : Viral Video : पति, पत्नी और ‘वो’; सिटी मार्ट में आमना-सामना, जमकर हुआ हंगामा MR Hospital
सीएमएचओ के हस्तक्षेप के बाद किया गया रेफर
पूरे मामले की जानकारी जब रायपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) मिथलेश चौधरी को दी गई, तो उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाते हुए मरीज की राशि लौटाने और तत्काल रेफर करने के निर्देश दिए। इसके बाद मरीज को गंभीर हालत में मेकाहारा अस्पताल रेफर किया गया।
17 फरवरी की रात करीब 8 से 9 बजे के बीच मरीज को मेकाहारा में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान बुधवार दोपहर उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पैसे नहीं देने पर इलाज बंद करने की धमकी, ऑडियो मौजूद
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ द्वारा पैसे नहीं देने पर इलाज बंद करने की धमकी दी गई। इस संबंध में धमकी देने का ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद होने की बात कही जा रही है, जिसमें कथित रूप से अस्पताल कर्मी कह रहे हैं कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो इलाज रोक दिया जाएगा।
Read More : CG NEWS : सख्त कार्रवाई ; सम्मानपुर नकटी में हितग्राहियों से अवैध वसूली करने वाला आवास मित्र बर्खास्त MR Hospital
WhatsApp Audio 2026-02-18 at 8.15.22 PM
डेढ़ महीने पहले सीएमएचओ ने किया था सील
एमआर हॉस्पिटल पहले भी अनियमितताओं के कारण विवादों में रहा है। बताया जा रहा है कि अस्पताल बिना लाइसेंस और आवश्यक अनुमति के संचालित हो रहा था, जिस पर कार्रवाई करते हुए सीएमएचओ द्वारा करीब डेढ़ महीने पहले इसे सील किया गया था। इसके बावजूद अस्पताल के दोबारा संचालन पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर किस अनुमति से यह फिर से खोला गया।
फायर और स्वास्थ्य मानकों का भी अभाव
सूत्रों के अनुसार अस्पताल स्वयं को सुपर मल्टी स्पेशियलिटी बताता है, लेकिन यहां न तो नियमित एमबीबीएस डॉक्टर पदस्थ हैं और न ही पर्याप्त प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ। आरोप है कि ‘उधारी के डॉक्टर’ बुलाकर इलाज कराया जा रहा था।
अस्पताल संकरी गलियों में स्थित है, जहां फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आसानी से नहीं पहुंच सकतीं। साथ ही आपात स्थिति के लिए फायर एग्जिट की समुचित व्यवस्था भी नहीं है। अस्पताल के पास फायर एनओसी, प्रदूषण प्रमाण पत्र, बायो-मेडिकल वेस्ट निपटान की व्यवस्था तथा नर्सिंग होम एक्ट के तहत अनिवार्य पंजीयन तक नहीं होने की बात सामने आई है। सीढ़ियां और लिफ्ट भी मानकों के अनुरूप नहीं बताई जा रही हैं।
सीएमएचओ ने दिए जांच और कार्रवाई के संकेत
इस पूरे मामले पर सीएमएचओ मिथलेश चौधरी ने कहा है कि यदि इस प्रकार की गंभीर अनियमितताएं पाई जाती हैं तो संबंधित अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी अस्पताल पर जुर्माना लगाकर सील की कार्रवाई की जा चुकी है और अब पूरे प्रकरण की दोबारा जांच कराई जाएगी।
राजधानी रायपुर में इस घटना के बाद निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन से मांग की जा रही है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जाए।






