रायपुर। Swami Rambhadrachary Ji : छत्तीसगढ़ की पावन धरती शिवरीनारायण में आयोजित 9 दिवसीय भव्य रामकथा के समापन के बाद जगदगुरु स्वामी रामभद्राचार्य मंगलवार देर शाम रायपुर पहुंचे। राजधानी में उनके आगमन पर भक्तों में विशेष उत्साह देखा गया। विशाल खंडेलवाल के धरमपुर नकटी स्थित राघवायनम फार्म हाउस में उन्होंने श्रद्धालुओं को दर्शन और आशीर्वाद प्रदान किया, जहां देर रात तक मिलने-जुलने का सिलसिला चलता रहा। इस दौरान मंत्री राजेश अग्रवाल भी उनसे मिलने पहुंचे और आशीर्वाद लिया।
अपने संबोधन में स्वामी रामभद्राचार्य ने छत्तीसगढ़ से अपने गहरे संबंधों को याद किया। उन्होंने बताया कि वे वर्ष 1978 से इस प्रदेश में लगातार आ रहे हैं और राज्य स्थापना के समय भी वे यहीं उपस्थित थे। उन्होंने प्रदेशवासियों को रामभक्ति के मार्ग पर चलने का संदेश देते हुए जीवन में धर्म और संस्कारों के महत्व पर जोर दिया।
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Swami Rambhadrachary Ji : एक पत्रकार द्वारा छत्तीसगढ़ को भगवान श्रीराम का ननिहाल कहे जाने पर स्वामी जी ने तुरंत सुधार करते हुए कहा कि यह केवल कहावत नहीं, बल्कि सत्य है। उन्होंने बताया कि यहां से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित कोसला गांव में माता कौशल्या का जन्म हुआ था, जिससे छत्तीसगढ़ भगवान राम का ननिहाल है और वे यहां के भांजे हैं। उनके इस कथन पर उपस्थित श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखा गया।
धार्मिक चर्चा के साथ-साथ स्वामी जी ने समसामयिक और राजनीतिक विषयों पर भी अपने विचार रखे। पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत को उन्होंने सकारात्मक संकेत बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देशव्यापी विस्तार का सपना अब साकार होता दिख रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा अपने वादों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
हिंदू राष्ट्र के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यदि संसद में 370 सीटों का समर्थन मिल जाए, तो बहुत कम समय में इसे संभव बनाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में इसके संकेत स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
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Swami Rambhadrachary Ji : धर्मांतरण के विषय में स्वामी रामभद्राचार्य ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से चर्चा की है और राज्य सरकार इस पर सख्त कानून लाने की दिशा में काम कर रही है। वहीं अखंड भारत के विषय पर उन्होंने अपनी इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि वे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को भारत में शामिल होते देखना चाहते हैं और इसके लिए वे नियमित रूप से यज्ञ कर रहे हैं।
यह पूरा आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर भी खुलकर चर्चा हुई। इससे यह कार्यक्रम और अधिक महत्वपूर्ण बन गया। रामकथा में प्रदेश और देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा।






