नई दिल्ली। FASTag : हर महीने की पहली तारीख देश में कुछ न कुछ नए नियम और बदलाव लेकर आती है, लेकिन 1 फ़रवरी को लागू हुए बदलाव इसलिए अहम माने जा रहे हैं क्योंकि ये आम बजट से ठीक पहले लागू किए गए हैं। इन फैसलों का सीधा असर आम नागरिकों की जेब, सफर, स्वास्थ्य और रोज़मर्रा के खर्चों पर देखने को मिलेगा।
सरकार और संबंधित विभागों द्वारा FASTag, सिगरेट-तंबाकू, टैक्स व्यवस्था और डिजिटल सेवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण संशोधन लागू किए गए हैं, जिनका उद्देश्य एक ओर सुविधा बढ़ाना है तो दूसरी ओर राजस्व और स्वास्थ्य नीतियों को मज़बूत करना।
FASTag KYC नियमों में दी गई राहत
राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वालों के लिए राहत की खबर है। FASTag उपयोगकर्ताओं के लिए KYC अपडेट की समय-सीमा में ढील दी गई है। जिन वाहन मालिकों का KYC तकनीकी या दस्तावेज़ी कारणों से पूरा नहीं हो सका था, उन्हें अब अतिरिक्त समय मिलेगा।
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इस फैसले से
FASTag ब्लॉक होने की समस्या कम होगी
टोल प्लाज़ा पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिलेगी
डिजिटल टोल संग्रह प्रणाली को सुचारू बनाए रखने में मदद मिलेगी
सरकार का कहना है कि यह कदम यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ा
स्वास्थ्य नीति के तहत सिगरेट, बीड़ी, गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ा दिया गया है। इसके चलते इन उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
कीमतें बढ़ने से तंबाकू सेवन में कमी आ सकती है
सरकार को अतिरिक्त राजस्व मिलेगा
स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले बोझ को कम करने में मदद मिलेगी
हालांकि, इसका सीधा असर तंबाकू उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा।
टैक्स और वित्तीय सेवाओं में संशोधन
बजट से पहले कुछ कर और वित्तीय नियमों में भी बदलाव लागू किए गए हैं। इनमें डिजिटल लेन-देन से जुड़े दिशा-निर्देश, कुछ सेवाओं पर अतिरिक्त सेस और वित्तीय संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग नियमों में संशोधन शामिल है।







