PM Kisan Yojana : केंद्र सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही है। इनमें कुछ योजनाएं ऐसी हैं जिनके तहत सब्सिडी दी जाती है, जबकि कुछ योजनाओं में किसानों को सीधी आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसी कड़ी में एक बेहद महत्वपूर्ण योजना है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, जिसे भारत सरकार द्वारा लागू किया गया है। इस योजना के अंतर्गत योग्य किसानों को DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए पैसे सीधे उनके बैंक खाते में भेजे जाते हैं, ताकि किसी भी तरह की कटौती या परेशानी न हो।
लाखों नहीं, करोड़ों किसान जुड़े हैं योजना से
PM Kisan योजना से इस समय देशभर के करोड़ों किसान लाभ उठा रहे हैं। हालांकि यह जानना जरूरी है कि इस योजना का फायदा हर किसान को नहीं मिलता, बल्कि सिर्फ वही किसान पात्र माने जाते हैं जो सरकार द्वारा तय किए गए मानकों को पूरा करते हैं। सरकार किसानों को हर साल ₹6,000 की वित्तीय सहायता देती है, जिसे तीन समान किस्तों में जारी किया जाता है। यानी हर किस्त में किसानों के खाते में ₹2,000 ट्रांसफर किए जाते हैं।
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PM Kisan Yojana : अब नजर 22वीं किस्त पर
अब सरकार PM Kisan की 22वीं किस्त जारी करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। ऐसे में किसानों के बीच यह सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में है—
– क्या इस बार ₹2000 उनके बैंक खाते में आएंगे या नहीं?
-अगर आप भी इस सवाल का जवाब जानना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको अपना लाभार्थी स्टेटस (Beneficiary Status) चेक करना बेहद जरूरी है।
22वीं किस्त का स्टेटस कैसे जांचें?
किसान नीचे दिए गए आसान तरीकों से यह पता लगा सकते हैं कि उन्हें किस्त का लाभ मिलेगा या नहीं:
-सबसे पहले PM Kisan की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं
-होमपेज पर मौजूद “Farmers Corner” विकल्प पर क्लिक करें
-इसके बाद “Beneficiary Status” को चुनें
-अब अपना आधार नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें
-सबमिट करते ही आपकी किस्त से जुड़ी पूरी जानकारी स्क्रीन पर दिख जाएगी
-अगर स्टेटस सही दिखाई देता है, तो आपकी किस्त आने की संभावना बनी रहती है।
इन कारणों से रुक सकता है ₹2000 का भुगतान
-कई बार किसानों की किस्त कुछ जरूरी वजहों से अटक जाती है, जैसे:
-e-KYC प्रक्रिया पूरी न होना
-आधार कार्ड का बैंक खाते से लिंक न होना
-बैंक खाते की जानकारी में गलती होना
-लाभार्थी सूची से नाम हट जाना
-अगर इनमें से कोई भी समस्या है, तो किसान को तुरंत अपनी जानकारी ठीक करानी चाहिए।







