नई दिल्ली। Swati Maliwal : राज्यसभा में स्वाती मालीवाल ने ब्रांडेड दवाओं पर अत्यधिक मुनाफा का मुद्दा उठाया। उन्होंने पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी का हवाला देते हुए कहा- कुछ फार्मा कंपनियां इन दिनों दवाओं पर 600- 1100% तक मुनाफा कमा रही हैं। जब वही दवा जेनेरिक में 80-90% सस्ती मिलती है, तो सिर्फ ब्रांड के नाम पर आम आदमी से कई गुना कीमत वसूली क्यों जा रही है। बीमार व्यक्ति के पास कोई विकल्प नहीं होता, उसी मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है।
क्या सरकार इसके लिए कोई स्ट्रॉग रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाएगी, जिससे ये मुनाफाखोरी बंद हो। और जरुरत मंदों को सही कीमत में स्वास्थ्य लाभ मिल सके। स्वास्थ्य कोई व्यापार नहीं, अधिकार है। गरीब और मध्यम वर्ग की गाढ़ी कमाई दवा कंपनियों के मोटे मुनाफे में नहीं जानी चाहिए।
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राज्यसभा सदस्य Swati Maliwal ने कहा-बीमार व्यक्ति को हर कीमत में इलाज चाहिये होता है। जिसका लाभ उठाकर मोटा मुनाफा का खेल खेला जा रहा है। और इसे व्यापार का शक्ल दिया जा रहा है। गरीब और मध्यम वर्ग की गाढ़ी कमाई दवा कंपनियों के मुनाफा के जाल में खत्म हो जा रहा है।
उन्होंने प्राइवेट अस्पतालों में महंगे इलाज का मुद्दा भी सदन में उठाया। इलाज की आवश्यकता हर किसी को कभी न कभी पड़ता ही है। इसलिए सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं को बढ़ाने में जोर देने की आवश्यकता है। ताकि जरुरतमंद लोग मुनाफे के जाल में न फंसे। और पैसे के अभाव में बिना इलाज के न मरे।
Private Hospital में इलाज करवाने की ज़रूरत पड़ जाए तो एक आम परिवार का घर-गहने गिरवी रखने तक की नौबत आ जाती है।
अस्पताल में भर्ती होने से पहले ही ₹50,000-1,00,000 तक Advance रखवाया जाता है। अस्पतालों के कमरों का रेंट 5 स्टार के होटल से महँगे।
बेड मिलते ही बिल में… pic.twitter.com/EUDTd9ub1T
— Swati Maliwal (@SwatiJaiHind) February 2, 2026







