नई दिल्ली। Kisan Credit Card : भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ आज भी देश की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है। लेकिन बदलते समय के साथ खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है—बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और मशीनों पर खर्च किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे में सस्ता कृषि ऋण किसानों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरा है।
सस्ता कृषि ऋण क्या है?
सस्ता कृषि ऋण वह ऋण है जो किसानों को कम ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाता है, ताकि वे साहूकारों के चंगुल में फँसे बिना अपनी खेती की जरूरतें पूरी कर सकें। सरकार और बैंक मिलकर यह सुनिश्चित करते हैं कि किसान को समय पर और आसान शर्तों पर ऋण मिले।
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सरकार की भूमिका
Kisan Credit Card : भारत सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं, जिनमें प्रमुख है किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)। इसके तहत किसान को 4% तक की प्रभावी ब्याज दर पर ऋण मिल सकता है, बशर्ते वह समय पर भुगतान करे। सरकार ब्याज पर सब्सिडी देकर किसानों का बोझ कम करती है।
सस्ते कृषि ऋण के लाभ
किसानों को तुरंत नकद उपलब्धता
खेती में आधुनिक तकनीक और मशीनों का उपयोग
साहूकारों से आजादी
फसल उत्पादन और आय में वृद्धि
आत्मनिर्भर और सशक्त किसान
खेती के साथ-साथ विकास
सस्ते कृषि ऋण से किसान केवल फसल ही नहीं उगाता, बल्कि डेयरी, मत्स्य पालन, पशुपालन और बागवानी जैसे क्षेत्रों में भी निवेश कर सकता है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलती है और रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं।
चुनौतियाँ भी हैं
हालाँकि सस्ता कृषि ऋण एक बड़ी राहत है, फिर भी कई छोटे और सीमांत किसानों तक इसकी जानकारी या पहुँच नहीं बन पाती। बैंकिंग प्रक्रिया की जटिलता और दस्तावेज़ों की कमी भी एक बड़ी समस्या है।







